जबलपुर में 101 सहकारी समितियों का कम्प्यूटरीकरण पूरा, किसानों को बड़ा लाभ
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जबलपुर में 101 सहकारी समितियों का कम्प्यूटरीकरण पूरा
जबलपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से संबद्ध 101 समितियों का कम्प्यूटरीकरण दस दिनों में पूरा किया गया। ई-पैक्स प्रणाली से सहकारी समितियों के कामकाज में पारदर्शिता और किसानों को त्वरित ऋण सुविधा मिलेगी।
सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर तीन लाख रुपये तक का कृषि ऋण उपलब्ध।
जबलपुर/ जबलपुर जिले में सहकारी क्षेत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जबलपुर से संबद्ध समितियों के कम्प्यूटरीकरण का कार्य तय समय से पहले पूरा किया गया है। बैंक के प्रशासक एवं कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में यह पहल पारदर्शिता, त्वरित सेवा और किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जबलपुर से संबद्ध कुल 121 सहकारी समितियों में से 101 समितियों का कम्प्यूटरीकरण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। यह कार्य बैंक के प्रशासक एवं जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। बैंक प्रशासन के अनुसार, उपार्जन जैसे व्यस्त कार्यकाल के बावजूद मात्र दस दिनों के भीतर यह लक्ष्य हासिल किया गया, जो प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण है।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि कम्प्यूटरीकरण से इन सहकारी समितियों, जिन्हें ई-पैक्स (e-PACS) के रूप में विकसित किया जा रहा है, के कामकाज में पारदर्शिता आएगी। इससे किसानों को ऋण स्वीकृति, खातों के संधारण और अन्य बैंकिंग सेवाओं में तेजी मिलेगी।
डिजिटल प्रणाली लागू होने से दस्तावेजों का रख-रखाव आसान होगा, लेन-देन का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और मानवीय त्रुटियों में कमी आएगी। इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा, जिन्हें अब कम समय में और अधिक पारदर्शी तरीके से सेवाएं प्राप्त हो सकेंगी।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से संबद्ध समितियों द्वारा किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर तीन लाख रुपये तक का कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। कम्प्यूटरीकरण के बाद इस ऋण वितरण प्रक्रिया में और अधिक गति आने की उम्मीद है।